वास्तु के 16 ज़ोन
22.5° के हर ज़ोन को करीब से जानें: उसके पारंपरिक गुण और वह किस काम के लिए ठीक है।
सोलह ज़ोन वाले नज़रिए में पूरे गोले को 22.5° के हिस्सों में बाँटा जाता है। नीचे दिए नाम उत्तर से शुरू होकर कंपास में घड़ी की दिशा में चलते हैं। ये परंपरा से चली आ रही प्रतीकात्मक मान्यताएँ हैं; सेहत, पैसे या रिश्तों पर इनका कोई नापा-तौला असर नहीं बताया गया है।
उत्तर (N)
उत्तर दिशा नए मौकों से जुड़ी है, और आपके काम व उन लोगों के बीच के रिश्ते से भी, जिनके लिए आप काम करते हैं। उत्तर-उत्तर-पश्चिम (NNW) को आकर्षण से जोड़ा जाता है, और उत्तर-उत्तर-पूर्व (NNE) को समाधान व लेन-देन से।
इस जगह को कैसे रखें: इस हिस्से को हल्का, साफ़ और खुला रखें। मूल स्रोत यहाँ फ़ालतू सामान, रसोई, टॉयलेट, कूड़ेदान और गहरे लाल या पीले रंग से बचने की सलाह देता है।
उत्तर-उत्तर-पूर्व (NNE)
उत्तर-उत्तर-पूर्व (NNE) उत्तर के मौकों को ईशान कोण की दूरदृष्टि से जोड़ता है। परंपरा में इसे समाधान ढूँढने और अच्छी सेहत से जोड़ा जाता है।
इस जगह को कैसे रखें: इसे साफ़ रखें और कबाड़ जमा न होने दें। मूल स्रोत यहाँ टॉयलेट, जनरेटर, अंगीठी और ज़्यादा लाल रंग से मना करता है।
उत्तर-पूर्व (NE)
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) दूरदृष्टि और नई बातें ग्रहण करने का स्थान है। यह उत्तर-उत्तर-पूर्व (NNE) के समाधानों को पूर्व-उत्तर-पूर्व (ENE) की रचनात्मकता से जोड़ता है।
इस जगह को कैसे रखें: यहाँ शांति रखें, जगह खुली रहे और बेवजह का सामान न भरें। पूजा या ध्यान की जगह यहाँ परंपरा के हिसाब से सबसे ठीक बैठती है।
पूर्व-उत्तर-पूर्व (ENE)
पूर्व-उत्तर-पूर्व (ENE) ईशान कोण के विचारों को पूर्व दिशा के लोगों और चहल-पहल से जोड़ता है।
इस जगह को कैसे रखें: पुराना सामान और कबाड़ यहाँ न रखें। मूल स्रोत के अनुसार हरे गमले में ताज़े फूल रखने से यह जगह खिली-खिली लगती है।
पूर्व (E)
पूर्व दिशा पड़ोसियों, रिश्तेदारों, ग्राहकों और आपके कामकाजी दायरे के लोगों से जुड़ी है।
इस जगह को कैसे रखें: इस जगह को ताज़ा और चहल-पहल भरा रखें; मूल स्रोत यहाँ हरे पौधे लगाने की सलाह देता है।
पूर्व-दक्षिण-पूर्व (ESE)
पूर्व-दक्षिण-पूर्व (ESE) वह पड़ाव है जहाँ विकल्पों को तौलने के बाद काम की तैयारी होती है।
इस जगह को कैसे रखें: यहाँ सब कुछ व्यवस्थित रखें। मिक्सर या ग्राइंडर यहाँ रखा जा सकता है; मूल स्रोत इस ज़ोन में बेडरूम या टॉयलेट से सावधान करता है।
दक्षिण-पूर्व (SE)
आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) परंपरा में अग्नि का स्थान है। इसे काम शुरू करने और अपने सामान या सेवा को लोगों के सामने रखने से जोड़ा जाता है।
इस जगह को कैसे रखें: रसोई के लिए यह ज़ोन सही है। मूल स्रोत यहाँ पानी और नीले रंग को कम रखने की सलाह देता है, और उपाय के तौर पर लाल बल्ब का ज़िक्र करता है। पर बिजली की सुरक्षा का ध्यान सबसे पहले रखें।
दक्षिण-दक्षिण-पूर्व (SSE)
दक्षिण-दक्षिण-पूर्व (SSE) वह जोश है जो काम शुरू करवाता है और उसे पूरा होने तक टिकाए रखता है।
इस जगह को कैसे रखें: मूल स्रोत के अनुसार जहाँ लगातार मेहनत की ज़रूरत हो, वहाँ यह ज़ोन बेडरूम या स्टाफ़ के बैठने के लिए अच्छा है।
दक्षिण (S)
दक्षिण दिशा आराम से जुड़ी है, और उस नाम और साख से भी जो इंसान अपने काम से कमाता है।
इस जगह को कैसे रखें: यहाँ शांति और व्यवस्था बनाए रखें। मूल स्रोत के अनुसार यहाँ टॉयलेट और गहरा नीला रंग अशांति लाते हैं।
दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम (SSW)
परंपरा में दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम (SSW) वह जगह है, जहाँ उन चीज़ों को विदा किया जाता है जिनका काम पूरा हो चुका है।
इस जगह को कैसे रखें: कूड़े का सलीके से इंतज़ाम करें; लंबे समय तक कबाड़ या बिना संभाला कचरा यहाँ पड़ा न रहने दें।
दक्षिण-पश्चिम (SW)
नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) पारिवारिक रिश्तों, कामकाजी हुनर और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे ज्ञान से जुड़ा है।
इस जगह को कैसे रखें: मूल स्रोत यहाँ गुणवत्ता जाँचने का काम, और औज़ारों या ज़रूरी किताबों को सलीके से रखने का सुझाव भी देता है।
पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम (WSW)
पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम (WSW) पढ़ाई और अभ्यास से सीखने, और काम की चीज़ों को सहेजकर रखने का ज़ोन है।
इस जगह को कैसे रखें: साफ़-सुथरी पढ़ाई की जगह या ज़रूरी चीज़ें सुरक्षित रखने की जगह इस ज़ोन के स्वभाव से मेल खाती है।
पश्चिम (W)
पश्चिम दिशा वह पड़ाव है जहाँ मेहनत और मौके ठोस नतीजों में बदलते हैं।
इस जगह को कैसे रखें: मूल स्रोत यहाँ काम की गतिविधियों को अच्छा मानता है, और इस ज़ोन में टॉयलेट या कूड़ेदान से मना करता है।
पश्चिम-उत्तर-पश्चिम (WNW)
पश्चिम-उत्तर-पश्चिम (WNW) रोज़मर्रा की ज़िंदगी से मन पर जमी थकान और भावनाओं के बोझ को धो डालने का प्रतीक है।
इस जगह को कैसे रखें: यहाँ पुराना सामान न रखें। मूल स्रोत नहाने को नई ताज़गी से जोड़ता है, और कहता है कि यहाँ रसोई होना भी अनचाही चीज़ों को साफ़ करने का एक प्रतीकात्मक तरीका है।
उत्तर-पश्चिम (NW)
वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) उन लोगों और संस्थाओं का स्थान है जो घर या कारोबार को सहारा देते हैं।
इस जगह को कैसे रखें: इस जगह को बातचीत या मेहमाननवाज़ी के लिए इस्तेमाल करें। मूल स्रोत यहाँ अपने कुलदेवता या कुलदेवी की तस्वीर रखने का भी ज़िक्र करता है।
उत्तर-उत्तर-पश्चिम (NNW)
उत्तर-उत्तर-पश्चिम (NNW) लोगों, विचारों, सामान और सेवाओं की ओर खिंचाव से जुड़ा है।
इस जगह को कैसे रखें: मूल स्रोत यहाँ पति-पत्नी का बेडरूम या सामान के नमूने रखने का सुझाव देता है, और टॉयलेट व आग से मना करता है।