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भाग 3/13ज़ोन और दिशाएँ6 मिनट में पढ़ें
ज़ोन और दिशाएँ

ज़ोन और दिशाएँ

हर दिशा को समझ लें, तो आप अपने घर के साथ तालमेल बिठाकर चल सकते हैं, उसके ख़िलाफ़ नहीं।

बीच में घर का नक्शा, उसके चारों ओर फैली आठ दिशाएँ, और साथ में प्रकृति के तत्वों के संकेत
आठ दिशा ज़ोन घर के हर हिस्से को प्रकृति के बड़े दायरे से जोड़ते हैं।

उत्तर ज़ोन

NWESग्रिड पर उत्तरमंडल के उत्तरी किनारे पर।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणबढ़त, धन, करियर, नए मौके, बहाव
तत्वजल
ग्रहबुध
किसके लिएमुख्य द्वार, ऑफ़िस में काम की जगह, कारोबार से जुड़े हिस्से

पारंपरिक वास्तु उत्तर को आने वाली ऊर्जा और समृद्धि से जोड़ता है। कुछ परंपराएँ काम-काज और पैसों से जुड़े कामों के लिए उत्तरमुखी प्रवेश द्वार को अच्छा मानती हैं।

वास्तु की कुछ परंपराएँ उत्तर को सक्रिय दिशा मानती हैं और यहाँ मास्टर बेडरूम की जगह काम-काज या चहल-पहल वाली जगह को अच्छा समझती हैं। यह जगह से जुड़ा पारंपरिक नियम है, नींद की कोई जाँच नहीं।

वास्तु की कुछ परंपराओं में बहाव के प्रतीक के तौर पर उत्तर में पानी से जुड़ी कोई चीज़ रखी जाती है। इस हिस्से को खुला और रोशन रखें, और ध्यान रखें कि कहीं से पानी न टपके।

उत्तर-पूर्व ज़ोन

NWESग्रिड पर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)मंडल के उत्तर-पूर्वी कोने में।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणसमृद्धि, आध्यात्मिकता, ज्ञान, पवित्रता, शुभता
तत्वजल और पृथ्वी
ग्रहबुध और गुरु
किसके लिएपूजा घर, ध्यान, प्रवेश द्वार, मेहमानों के हिस्से

वास्तु की कई परंपराएँ ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को सबसे शुभ दिशा मानती हैं। अक्सर यहाँ प्रवेश द्वार, पूजा घर या ध्यान की जगह को अच्छा समझा जाता है।

यह ज़ोन आपके घर का सबसे ऊँचा और सबसे साफ़ हिस्सा होना चाहिए। यहाँ सामान न जमने दें। यहाँ ताज़ी हवा और धूप आए, तो मन में साफ़पन आता है।

पारंपरिक वास्तु उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार को साफ़ सोच और खुली राह से जोड़ता है। यह एक प्रतीकात्मक रिश्ता है, ज़िंदगी में किसी नतीजे का वादा नहीं।

पूर्व ज़ोन

NWESग्रिड पर पूर्वमंडल के पूर्वी किनारे पर।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणनई शुरुआत, ताज़गी, सेहत, रचनात्मकता, भोर
तत्ववायु
ग्रहसूर्य
किसके लिएप्रवेश द्वार, लिविंग रूम, स्टडी रूम, रचनात्मक कामों की जगह

पूर्व में सूरज उगता है और सुबह की धूप आती है। पारंपरिक वास्तु इसे नई शुरुआत से जोड़ता है, और अक्सर पूर्व की ओर खुलती खिड़कियों या प्रवेश द्वार को अच्छा मानता है।

पारंपरिक वास्तु पूर्व को सक्रिय दिशा मानता है। वास्तु के जानकार अक्सर यहाँ मास्टर बेडरूम की बजाय दिन में इस्तेमाल होने वाली जगहें रखते हैं।

वास्तु की कुछ परंपराएँ पढ़ते समय या ध्यान करते हुए पूर्व की ओर मुँह करने की सलाह देती हैं, सूर्योदय और साफ़ सोच के प्रतीक के तौर पर।

दक्षिण-पूर्व ज़ोन

NWESग्रिड पर आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व)मंडल के दक्षिण-पूर्वी कोनेमें।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणअग्नि, गर्मी, बदलाव, पाचन, शरीर की ऊर्जा
तत्वअग्नि
ग्रहशुक्र
किसके लिएरसोई, उपकरण, खाना पकाने की जगह

रसोई की सही जगह दक्षिण-पूर्व ही है, क्योंकि अग्नि तत्व यहीं सबसे प्रबल है। हो सके तो आपका चूल्हा, माइक्रोवेव और ओवन दक्षिण-पूर्व में हों।

रसोई कहीं और है, तो उसी कमरे के दक्षिण-पूर्वी कोने में खाना पकाने की जगह बनाएँ। खाना बनाते समय मुँह पूर्व या दक्षिण की ओर रखें।

पारंपरिक वास्तु दक्षिण-पूर्व की अग्नि को गर्मी, सक्रियता और बदलाव का प्रतीक मानता है। यह जोड़ परंपरा की बात है, इसे सेहत की डॉक्टरी जाँच न समझें।

दक्षिण ज़ोन

NWESग्रिड पर दक्षिणमंडल के दक्षिणी किनारे पर।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणस्थिरता, सुरक्षा, ताक़त, ज़मीन से जुड़ाव, मान-सम्मान
तत्वअग्नि
ग्रहमंगल
किसके लिएमास्टर बेडरूम, भारी फ़र्नीचर, दीवारें, सुरक्षा

पारंपरिक वास्तु दक्षिण को ज़मीन से जुड़ाव और स्थिरता से जोड़ता है। कुछ परंपराएँ यहाँ मास्टर बेडरूम या भारी फ़र्नीचर को अच्छा मानती हैं।

दक्षिण की दीवारें मोटी रखी जाती हैं। भारी फ़र्नीचर दक्षिण की तरफ़ रखें, ताकि एक सुरक्षा कवच-सा बने।

दक्षिण का संबंध पूर्वजों और परंपरा से भी है। यह आपको अपनी जड़ों से जोड़े रखता है। दक्षिण की दीवार उन सबका सम्मान है जो हमसे पहले आए।

दक्षिण-पश्चिम ज़ोन

NWESग्रिड पर नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम)मंडल के दक्षिण-पश्चिमी कोनेमें।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणस्थिरता, आराम, सामान रखना, भार, ज़मीन से जुड़ाव
तत्वपृथ्वी
ग्रहशनि
किसके लिएमास्टर बेडरूम, सामान रखने की जगह, भारी चीज़ें, ठहराव

पारंपरिक वास्तु दक्षिण-पश्चिम को आराम और पूर्णता से जोड़ता है। कई परंपराएँ इस हिस्से को मास्टर बेडरूम के लिए अच्छा मानती हैं।

सामान रखने की जगह यही है। पेंट्री, अलमारी या स्टोर रूम दक्षिण-पश्चिम में बनाएँ। यहाँ भार जान-बूझकर रखा जाता है, ताकि घर को ठहराव मिले।

दक्षिण-पश्चिम में रसोई या चहल-पहल वाली जगहें न बनाएँ। यह ज़ोन आराम के लिए है, भाग-दौड़ के लिए नहीं, इसलिए इसे शांत और सुरक्षित रखें।

पश्चिम ज़ोन

NWESग्रिड पर पश्चिममंडल के पश्चिमी किनारे पर।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणमनन, पूर्णता, आराम, मेहमान, शाम
तत्वजल
ग्रहशनि
किसके लिएगेस्ट रूम, डाइनिंग, शांत बैठकर सोचने की जगहें

पश्चिम में सूरज ढलता है। यहाँ की ऊर्जा उतरती हुई और ठहरी-सी होती है। इसे गेस्ट रूम, डाइनिंग या दिन के काम समेटने वाली जगहों के लिए इस्तेमाल करें।

पश्चिम को घर की मुख्य चहल-पहल वाली जगह न बनाएँ; यह शाम के कामों, जैसे खाना खाने या शांति से बैठने के लिए बेहतर है। हो सके तो रसोई यहाँ न बनाएँ।

पश्चिम की ओर खिड़की हो, तो कोई बात नहीं। बस हवा के आर-पार बहने के लिए उत्तर और पूर्व में भी खिड़कियाँ रखें।

उत्तर-पश्चिम ज़ोन

NWESग्रिड पर वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम)मंडल के उत्तर-पश्चिमी कोनेमें।
मंडल का समझाने के लिए बना रेखाचित्र — यह आपके फ़्लोर प्लान की रीडिंग नहीं है।
गुणगति, सहारा, मददगार लोग, बदलाव, आवाजाही
तत्ववायु
ग्रहचंद्रमा
किसके लिएमेहमानों के हिस्से, गलियारे, प्रवेश द्वार, सहायक जगहें

पारंपरिक वास्तु वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) को गति और बदलाव से जोड़ता है। वास्तु के जानकार अक्सर यहाँ आने-जाने के रास्ते, गलियारे या मेहमानों के हिस्से रखते हैं।

वास्तु की कुछ परंपराएँ उत्तर-पश्चिम के प्रवेश द्वार को गति और मददगार रिश्तों से जोड़ती हैं, पर उत्तर-पूर्व या पूर्व को इससे ऊपर रखती हैं।

वास्तु की कई परंपराएँ गेस्ट रूम के लिए उत्तर-पश्चिम को अच्छा मानती हैं, क्योंकि वे इस दिशा को गति और कुछ दिनों के ठहराव से जोड़ती हैं।

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