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भाग 5/13पद पद्धतियाँ8 मिनट में पढ़ें
पद पद्धतियाँ

वास्तु पद: 64 और 84 वाली पद्धतियाँ

पद वास्तु पुरुष मंडल के जाल के छोटे-छोटे चौकोर हिस्से हैं। इन्हें समझ लें, तो आप दिशाओं की मोटी-मोटी बातों से आगे बढ़कर हर कमरे की सटीक जगह तय कर सकते हैं।

तुलना के लिए आर्किटेक्चर वाले काग़ज़ पर अगल-बगल बने दो नपे-तुले चौकोर जाल
पद पद्धतियाँ एक ही चौकोर सीमा को अलग-अलग बारीकी से बाँटती हैं।

पद क्या है?

पद वास्तु मंडल का एक चौकोर हिस्सा है। 64 पदों वाली पद्धति में ऐसे 64 पद होते हैं, और हर पद के अपने गुण और अपने स्वामी देवता होते हैं (देखें वास्तु देवता)।

वास्तु की पारंपरिक प्रथा में सबसे ज़्यादा ध्यान प्रवेश द्वार वाले पद पर दिया जाता है, फिर बेडरूम और रसोई वाले पदों पर। जानकार कुछ स्वामी देवताओं को अनुकूल और कुछ को चुनौती भरा बताते हैं। ये परंपरा की व्याख्याएँ हैं, नापे-तौले नतीजे नहीं।

हर पद की चार बातें होती हैं: जाल में उसकी जगह, उसका स्वामी ग्रह या देवता, उसके ख़ास गुण, और संतुलन बिगड़े तो उसके उपाय।

64 पदों वाली पद्धति (8×8 जाल)

64 पदों वाली पद्धति आपकी जगह को 8 कॉलम और 8 पंक्तियों में बाँटती है, यानी 64 अलग-अलग पद। यह जाल चारों मुख्य दिशाओं से मिलाकर बिछाया जाता है, और दोनों धुरियों के आर-पार पूरी तरह एक जैसा होता है। आठों दिशाओं में से हर एक के अपने ज़ोन में 8 पद होते हैं; चारों कोनों में, जहाँ दो ज़ोन मिलते हैं, 4-4 पद होते हैं।

8 दिशाएँ
दिशापदकिसके लिए अच्छा / किससे बचें
उत्तर (कुबेर)1–16अच्छे पद: 2, 3, 6, 7, 10, 11, 14, 15 — ऑफ़िस, प्रवेश द्वार, तिजोरी (3, 11), कैश काउंटर (2, 3, 10, 11)
बचें: 4, 5, 12, 13 (बीच की ओर) — मुख्य दरवाज़े के लिए बहुत बीच में
दक्षिण (यम)17–32नेतृत्व या अधिकार वाले काम का ऑफ़िस: 18, 19, 22, 23। मास्टर बेडरूम, अगर कोई और चारा न हो: 22, 23
बचें: प्रवेश द्वार — सिर्फ़ ख़ास कामों (क़ानून, सरकारी) के लिए, घरों के लिए ठीक नहीं
पूर्व (इंद्र)33–48प्रवेश द्वार: 34, 35, 38, 39, 42, 43, 46, 47 (ख़ासकर 35, 39)। रचनात्मक काम की जगह: 34, 35, 38, 39। पढ़ाई: 38–40, 46–48। पूजा: 40, 48
बचें: बीच की ओर वाले 36, 37, 44, 45
पश्चिम (वरुण)49–64बेडरूम: 50, 51, 54, 55। गेस्ट रूम: 51, 55, 56, 60। लाइब्रेरी या स्टडी: 50, 51, 54, 55। मेहमाननवाज़ी वाले कारोबार का प्रवेश द्वार: 51, 55, 59, 63
बचें: मुख्य कारोबार का प्रवेश द्वार — स्वागत भरा तो लगता है, पर उसमें जोश नहीं होता
4 कोने
कोनापदकिसके लिए अच्छा
ईशान कोण (ब्रह्मा)40, 48, 56, 64पूजा घर या मंदिर (ख़ासकर 40, 56), मुख्य द्वार, ध्यान — उत्तर-पूर्व का हर पद शुभ है
वायव्य कोण (वायु)8, 16, 56, 64गेस्ट रूम (ख़ासकर 16, 56), परिवार के साथ बैठने की जगह, सेवा वाले कारोबार का प्रवेश द्वार
आग्नेय कोण (अग्नि)33, 41, 24, 32रसोई (ख़ासकर 33), सक्रिय काम की जगह, जिम, रेस्टोरेंट का प्रवेश द्वार (ख़ासकर 24, 33)
नैऋत्य कोण (नैऋति)17, 25, 49, 57मास्टर बेडरूम (ख़ासकर 25, 49), तिजोरी या कीमती सामान की जगह, परिवार को ठहराव देने वाली जगह (25, 57)

बीच के पद

64 पदों के जाल का केंद्र किसी एक पद पर नहीं पड़ता; बीच में चार पद मिलते हैं (36, 37, 44, 45)। यहाँ कभी दरवाज़े या भारी चहल-पहल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यही पूरे जाल का संतुलन थामे रहते हैं। ध्यान, मनन या कुछ पल ठहरना ठीक है; भारी भाग-दौड़ नहीं।

इसे अमल में कैसे लाएँ

  • अपने फ़्लोर प्लान पर 8×8 का जाल बिछाएँ, असली उत्तर दिशा से मिलाकर
  • देखें कि आपके कमरे किन पदों में हैं
  • ऊपर की तालिकाओं से मिलाकर देखें कि जगह ठीक है या नहीं
  • जहाँ मेल न बैठे, वहाँ कमरा हटाने की बजाय रंग, शीशे, पौधों या तत्वों से ऊर्जा को संतुलित करें
  • एक बार में एक ही बड़ा बदलाव करें और देखें कि उसका क्या असर होता है

84 पदों वाली पद्धति

84 पदों वाली पद्धति ज़्यादा उन्नत और ख़ास जानकारों की चीज़ है। यह सीधा-सादा जाल कम, और एक-दूसरे के भीतर बने घेरों व बारीक गणितीय अनुपातों पर टिकी बनावट ज़्यादा है। इसमें हर मुख्य दिशा के पद 8 से बढ़कर 12 हो जाते हैं, और हर कोने के 4 से 6। फिर भी अपनी-अपनी दिशा पर मुख्य 8 देवताओं का ही राज रहता है, बस छोटे-छोटे उप-समूहों में।

64 पदों वाली पद्धति के मुकाबले इसका चलन कम है, पर नया घर बनाते या मरम्मत की बारीक योजना बनाते समय यह ज़्यादा सटीक रहती है। आम तौर पर इसे घर का मालिक अकेले नहीं, किसी जानकार की मदद से अपनाता है।

उत्तर — कुबेर का क्षेत्र (12 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
1–3रिश्तों और जान-पहचान से आने वाला धनसाझेदारी वाले ऑफ़िस, लोगों से मिलने-जुलने की जगहें
4–6सीधी समृद्धि (सबसे प्रबल)पैसों के लेन-देन के केंद्र, बैंकिंग, नकदी का काम, तिजोरी
7–9संतुलन के साथ धनलंबे समय की आर्थिक योजना, परिवार की जमा-पूँजी
10–12जहाँ धन और विवेक मिलते हैंदान-पुण्य, सोच-समझकर चलाया गया कारोबार
दक्षिण — यम का क्षेत्र (12 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
13–15काम से आने वाली ताक़तप्रोजेक्ट संभालना, रोज़ का कामकाज
16–18शुद्ध अधिकार (सबसे प्रबल)नेतृत्व वाले ऑफ़िस, क़ानूनी काम
19–21विवेक से सधी हुई ताक़तमार्गदर्शन, अनुभव और अधिकार के साथ सिखाना
22–24परिपक्व, जमा हुआ अधिकारवरिष्ठ नेतृत्व; अगर कोई और चारा न हो, तो बेडरूम के लिए दक्षिण के सबसे सौम्य पद
पूर्व — इंद्र का क्षेत्र (12 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
25–27काम करते-करते आगे बढ़नाबिक्री, मार्केटिंग और कारोबार बढ़ाने के काम
28–30सबसे साफ़ सोच (सबसे प्रबल)मुख्य द्वार, रचनात्मक काम के ऑफ़िस, स्टूडियो, स्कूल
31–33ऐसी स्पष्टता जिसमें समझदारी भी घुली होसोच-समझकर योजना बनाना और नाप-तौलकर विस्तार करना
34–36तरक्की, जो धीरे-धीरे समझदारी की ओर ले जाएआध्यात्मिक शिक्षा, मार्गदर्शन, पढ़ाई-लिखाई के केंद्र
पश्चिम — वरुण का क्षेत्र (12 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
37–39ठहराव, साथ में आत्म-चिंतनएकांत या सेहत सुधारने की जगह, गहरी पढ़ाई
40–42पूरा ठहराव (आराम के लिए सबसे प्रबल)मास्टर बेडरूम, उपचार केंद्र, लाइब्रेरी
43–45काम पूरा होने का संतोष, साथ में पूर्णता का भावपरिवार के बेडरूम, मेहमानों की जगह
46–48आराम भी, मेल-जोल भीगेस्ट रूम, मेहमाननवाज़ी, मिलने-बैठने की जगह
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — ब्रह्मा का पवित्र क्षेत्र (6 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
49–51सबसे पवित्र हिस्सा — पूरे मंडल के सबसे शुभ पदमंदिर, पूजा घर, ध्यान की जगह
52–54ज्ञान, जो चारों ओर फैलता हैस्कूल, लाइब्रेरी, उपचार केंद्र
वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) — वायु का सहयोगी क्षेत्र (6 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
55–57मेल-जोल और आपसी सहारागेस्ट रूम, मीटिंग रूम, स्वागत भरा प्रवेश
58–60आवाजाही और रिश्तों का फैलावपरिवार के साथ बैठने की जगह, सामाजिक मेल-मिलाप की जगह
आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) — अग्नि का बदलाव लाने वाला क्षेत्र (6 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
61–63तेज़ बदलाव — शुद्ध अग्निरसोई, खाना पकाना, रेस्टोरेंट का प्रवेश द्वार
64–66सोचा-समझा, मकसद वाला बदलावकाम की जगह, स्टूडियो, कसरत की जगह
नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) — नैऋति का रक्षा करने वाला क्षेत्र (6 पद)
पदकिस पर ज़ोरकिसके लिए अच्छा
67–69सबसे गहरी सुरक्षा और स्थिरतामास्टर बेडरूम, तिजोरी / कीमती सामान की जगह
70–72मज़बूती, जो चारों ओर फैलेपरिवार को थामकर रखने वाली जगह, घर का ऑफ़िस

घर के बीच वाले हिस्से को अलग-अलग परंपराएँ तीन तरह से बरतती हैं। कुछ इसे पूरी तरह खुला छोड़ती हैं, और अनुभवी वास्तु जानकार ज़्यादातर यही पसंद करते हैं। कुछ इसमें 1–4 पद रखती हैं, पर सिर्फ़ हल्की-फुल्की आवाजाही के लिए। और कुछ इसे केवल ब्रह्मा का पवित्र स्थान मानती हैं। तरीका कोई भी हो, यहाँ न कोई दरवाज़ा हो, न कोई भारी काम-काज।

पद्धतियों की तुलना

64 पद81 पद
सरलताआसान — 8×8 का ग्रिडज़्यादा बारीक और पेचीदा
किस काम के लिए सबसे अच्छाज़्यादातर घरों के लिए ठीक बैठता हैबारीक डिज़ाइन का काम, अनुभवी जानकारों के लिए
कितना आसानघर के मालिक खुद सीख और लगा सकते हैंअक्सर किसी विशेषज्ञ की सलाह लेनी पड़ती है
इसे कब अपनाएँबने हुए घर में सुधार करते समयनया घर बनाते समय या बड़ी मरम्मत में
दोनों पद्धतियों की बुनियादी बातें — ग्रिड को घर जाँचने का एक तरीका समझें, नतीजों की गारंटी नहीं। सब कुछ एक साथ बदलने के बजाय, जगह से जुड़ी किसी एक साफ़ दिखने वाली समस्या से शुरुआत करें।